पूनम
के जी बी वी- (रामपुर) जौनपुर
हमारे देश में समान अधिकार नहीं है। समाज नारी विहीन होता जा रहा है। औरत लड़कियों का जन्म नहीं चाहती है और वो भूल जाती है कि वो भी एक औरत है।
औरत बिना समाज निरर्थक हो जायेगा हमें अपनी सोच बदलनी होगी और जागरूक होने की जरूरत है। बुजुर्गों में रूढ़िवादिता को बदलना होगा और जागरूक होना पड़ेगा जैसे कि लड़का लड़की समान हो सके।सरकार लड़कियों की सिक्षा को प्रेरित कर रही है और निशुल्क सिक्षा दे रही है।
दिल्ली की घटना ने दिलों दिमाग को जगझोर दिया है। यह एक अमानवीय घटना है और यह कह पाना मुश्किल हो गया है कि समाज हैवानो का है की इन्सानों का, इन हैवानो को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए और फांसी इस समस्सया का समाधान नहीं है। हमारी कानून व्यवस्था लचर है और फैसला आने में काफी समय लग जाता है जिससे आरोपी को बचने का पूरा मौका मिलता है।सही सजा का मतलब तभी है जब वो जल्द से जल्द मिले और एक बार फाँसी नहीं उन्हें उम्रकैद देनी चाहिए जैसे की वो रोज मर सके।
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