सुजानगंज
कस्तूरबा गाँधी विद्यालय
हमे आत्मनिर्भर और अपने आप पर विश्वास होना चाहिए । अभी तक घरेलू हिंसा के कारण भारत की बेटियाँ घर से बाहर निकलने में असमर्थ थी। लेकिन अब ऐसा नहीं है हम भारत की बेटियां स्वतंत्र रूप से पढ़ – लिख कर अपने पैरो पर खड़ा होना चाहती है, लेकिन अपने पैरो पर खड़े होने के लिए, हम लड़कियों को बाहर आना जाना, मतलब सड़क पर चलना पड़ता है। लड़कियों को सड़क पर चलते हुए, लड़के बोलियाँ बोलते है, लेकिन हम लड़कियों को नजर अंदाज कर देना चाहिए, अगर लड़के छेड़खानी करते है तो हम लड़कियों को मुहतोड़ जवाब देना चाहिए और डटकर सामना करना चाहिए। सबसे जरुरी बात है कि अगर लड़की का पीछा लड़का करता है तो उसे कभी भी सूनसान जगह पर नही रुकना चाहिए जहाँ पर अधिक से अधिक लोग हों वहाँ पर जाकर सभी लोगों को बता देना चाहिए और सबसे बड़ी बात है कि लड़कियों को अपने आप पर काबू रखना चाहिए क्योंकि हर माँ- बाप की यह सोच होती है कि उनकी बेटियाँ बड़ी होकर एक होनहार लड़की बनेगी। मेरी यह विनती है कि प्रार्थना हैं कि मेरे भाईयों किसी दूसरे कि बहन बेटियों को छेड़ते वक्त, अपनी बहन बेटियों को जरुर याद करें। हम लड़कियों को रात को ज्यादा देर तक घर से बाहर नही रहना चाहिए और तभी हम लड़कियां सेफ रह पाएँगी ऐसे केस न हो इसके लिए सक्त से सक्त कानून बनाना चाहिए । दिल्ली गैग रेप हुआ उसके बाद ये बहुत आवश्यक हो गया है कि हम लड़कियों को अपनी सेफ्टी के लिए कुछ ऐसा लेकर चलना चाहिए जिसे लड़कियां अपनी सुरक्षा कर सके ।
DONATE
WORK WITH US

Volunteer
